Sunday, 6 July 2014

ग़ज़ल


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रक्षा-बन्धन आया है

देखो कैसा पावन दिन यह, रोली-चन्दन लाया है आज बहन से मुझे मिलाने, रक्षा-बन्धन आया है  बाबूजी की प्यारी बिटिया, माँ की राज दुलारी थी...