मिलन के पथ

  मिलन के पथ सब कटीले हो गए हैं। प्रेम के पग अब नुकीले हो गए हैं। क्यों जले अंतस खड़ी प्रतिवेदना, क्यों समर्पण को छले संवेदना, स्वार...