शब्द ज्ञान - एक गीत

  शब्द से संसार रचना की कभी भगवान ने। 'तप' सुना 'तप' ही किया फिर एक तेरे ध्यान ने।। शब्द से ही प्रेम होता शब्द से ही ग्लानिय...