एक बेहतरीन ग़ज़ल - हो फ़लसफ़ा ऐसा

  दुविधा रही मन में गहन अभ्यास के उपरांत भी तरकश में तो इस जिंदगी के सज गए सिद्धांत भी दर्शन यही लेकर सृजन भी कर रहा है पुण्य का श्रम क...