मत्तगयंद सवैया - जयघोष

  जीत लिया जिसने मन को वह वीर प्रवीर अधीर न होगा। क्रोध प्रलोभन काम गुमान लिए मन मेल असीर न होगा। सौम्य सुशील स्वभाव सुसज्जित और कहीं रण...