युद्ध का पर्याय जीवन हो गया है - एक गीत

  युद्ध का पर्याय जीवन हो गया है। दर्प में आघात का व्रण बो गया है। पाथ चुनते हैं समर का स्वार्थ में जो। व्यग्र होती चेतना मृतप्राय हैं वो। भ...