जीवन का यह मंच - दोहे

  अभिनय करते मंच पर, माटी के किरदार। जीवन की अनुभूतियाँ, करते वो साकार।। यह जग तो वह मंच है, जिसमें रंग अनेक। कहीं कहकहे गूँजते, कही दर्द अ...