Saturday, 14 July 2012

एक ग़ज़ल - ये जहाँ फिर कहीं सो जाएगा

2 comments:

  1. waah bahut khubsurat ehsaason se saji ghazal...

    ReplyDelete
    Replies
    1. आपका बहुत बहुत शुक्रिया सिया कुमार जी। आपके प्रेरक शब्दों ने मेरा हौसला बढ़ाया है.

      Delete

श्री कृष्ण जन्माष्टमी - एक गीत

  निर्गुणी प्रगटे चतुर्भुज योगमाया पावनी है। दामिनी दमके सहस्रों यामिनी रस सावनी है। अवतरण सोलह कलाओं में सजाई सगुण काया। बाल छवि चंचल चपल च...