Sunday, 6 June 2021

***आस-पास***

 


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दिखती नही ये कौन बला आस-पास है
बाहर न जाइये कि वबा आस-पास है

सांसें नही नसीब हैं आवाम को जहाँ
हुक्काम कह रहे हैं हवा आस-पास है

मौके का फायदा जो उठाने में हैं लगे
भूले न वो सभी कि सज़ा आसपास है

सातों - समुंदरों से मिली है यही ख़बर
हाल एक सा वहाँ जो बुरा आस-पास है

जाता नही गरीब मियाँ अस्पताल में
चुपचाप सोचता है दुआ आस-पास है

ज़िंदा से कह रहे हैं कि सड़कों पे मत निकल
मुर्दा बहा दिया भी गया आस-पास है

सन दो हज़ार बीस में आफत गले पड़ी
इक्कीस तक में आज कज़ा आस-पास है
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आशिक़आनन्द_मोहितआनन्द✍️




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