Sunday, 2 February 2025

राजा ऐसा चाहिए जैसे राजा राम - एक गीत

 

राजा ऐसा चाहिए, जैसे राजा राम।
नाम भजो तब सुधरते, हर जन का हर काम।।
..........
राम राज्य की कल्पना, कैसे हो साकार।
कुटिल चाल चलते सभी, बिगड़ी है सरकार।।
दुष्टों के दुष्कर्म से, देश हुआ बदनाम।
राजा ऐसा चाहिए, जैसे राजा राम।।
..........
दुष्टों की भरमार है, देखो चारों ओर।
सब पर हावी हो रहे, खूब मचाते शोर।।
लगें ठिकाने दुष्ट ये, तब पाएँ विश्राम।
राजा ऐसा चाहिए, जैसे राजा राम।।
..........
दुष्टों का संहार कर, दिया दिव्य संदेश।
जो हम ऐसा कर सकें, सुधरेगा परिवेश।।
ऐसा करने के लिए, करना है संग्राम।
राजा ऐसा चाहिए, जैसे राजा राम।।
...........
युग बीते पर आज भी, गुण गाता संसार।
राम राज्य को मानिए, सतयुग का आधार।।
संकल्पित हों हम सभी, कृपा करें सुखधाम।
राजा ऐसा चाहिए, जैसे राजा राम।।

*** मुरारि पचलंगिया

No comments:

Post a Comment

एक बेहतरीन ग़ज़ल - हो फ़लसफ़ा ऐसा

  दुविधा रही मन में गहन अभ्यास के उपरांत भी तरकश में तो इस जिंदगी के सज गए सिद्धांत भी दर्शन यही लेकर सृजन भी कर रहा है पुण्य का श्रम क...