Sunday, 28 August 2016

जन्माष्टमी पर विशेष




कान्हा की मतवारी दुनिया
जपती राधा रानी दुनिया


मुरली की जब तान सुनाये
सुध बुध खोये सारी दुनिया 


पल भर में बदले है जीवन
लीला देखे न्यारी दुनिया 


जब जब दुष्ट बढ़े धरती पर
कान्हा तुमने तारी दुनिया 


गीता का उपदेश दिया तब
अपनों से जब हारी दुनिया


आओ कान्हा फिर धरती पर
है पापों से भारी दुनिया


मिलती नहीं 'अर्चना' खुशियाँ
अब अँसुवन से खारी दुनिया


***** डॉ अर्चना गुप्ता

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